Hindi
वास्तु-कला (Architecture)
स्थापत्य डिज़ाइन प्रक्रिया की दिशा में चार्ल्स मार्ट्ज़ का दृष्टिकोण तकनीकी रूप से अभिनव और शैली-तटस्थ है। भवन के अनूठे वर्णन हेतु उचित माध्यम और मूर्त अभिव्यक्ति के विकास का पोषण करने के लिए, परियोजना की शुरूआत में सुविचारित रणनीति को गतिशील किया गया। परिणामी आकार, स्थानिक व्यवस्था, और संरचना, काम सुपुर्द करने वाले व्यक्ति या संगठन की आकांक्षाओं के साथ गुंजायमान राग छेड़ती है। मौजूदा फ़ैशन के शैलीगत अवरोधों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, भवन के दीर्घ जीवन को बढ़ावा देने के लिए परियोजना की अति महत्वपूर्ण दार्शनिक, ऐतिहासिक और व्यावहारिक आवश्यकताओं के भीतर मूल डिज़ाइन पद्धतियों का उपयोग किया गया।
आंतरिक सज्जा (Interior Design)
निर्मित वास्तुकला के संदर्भ में, भवन की बंद, भीतरी परतों के बोध के लिए, उनकी संरचनात्मक, रंगत युक्त, चटकीले और भौतिक गुणों पर विचार किया गया। ये संकेंद्रित विशिष्ट क्षेत्र पर्यावरण के साथ मानव अनुभवों की सफलता को परिभाषित करते हैं। भवन आगंतुकों को अपनी आंतरिक सजावट और पैमाने पर, प्रकाश, ध्वनि, अनुभूति और विस्तार से गुँथी कथा का आभास देता है। इससे बढ़ कर, वह एक सुसंगत, पूर्वविचारित, कलात्मक मूड की संरचना प्रदान करता है। स्थानीय संवेदी तत्वों का मिश्रण भवन के प्रकट होने वाली पहचान के केंद्र में है। आंतरिक सज्जा की कार्यप्रणाली का सार भारी पैमाने की बजाय मानव स्तर पर इन तत्वों का संयोजन है।
ग्राफ़िक डिज़ाइन और ललित कला (Graphic Design and Fine Arts)
विषय उनके विशिष्ट माध्यमों और उनकी भाषाओं में हासिल महारत के ज़रिये व्यक्तिगत छाप लिए हुए हैं। मूर्तिकला, पेंटिंग, ड्राइंग, प्रिंटमेकिंग, फ़ोटोग्राफ़ी, और डिज़ाइन में आम शब्दावली के सूत्र साझा होते हैं। इसके बाद कलाकार अपने विषय के भीतर सुविचारित प्रारूपों का चयन करके अपने विचारों को अभिव्यक्त करते हैं। अभिव्यक्ति के ये व्यक्तिगत तरीक़े उनके निष्पादन के शिल्प पर आश्रित हैं।
शिल्पकार के रूप में सीएमए में प्रवेश करें: फ़ोकस निष्पादन की प्रवीणता पर केंद्रित है। स्टूडियो कला निर्माण और सौंदर्यशास्त्र के कई तंतुओं पर काम करता है जो परियोजना के अनुभव को बढ़ाते हैं। इनमें शामिल हैं ग्राफ़िक्स, उत्पाद, प्रदर्शनी, मुद्रण, साइनेज, मार्ग-सूचक, पर्यावरण, पहचान डिज़ाइन और साथ ही ललित कला की परियोजनाएँ।
निर्माण, चलचित्र, और मीडिया (Production, Motion, and Media)
डिजिटल या लाइव, किसी भी स्वरूप में प्रदर्शन, संगीत और चलचित्र निर्धारित वर्णन संरचनाएँ हैं। सीएमए ने दृश्य संरचनाओं के माध्यम से बतौर निर्माता, निर्देशक, कला निर्देशक और प्रोडक्शन डिज़ाइनर के रूप में प्रमुख मीडिया ब्रांडों में भाग लिया है।
वास्तुकला, ललित कला, डिज़ाइन, ग्राफ़िक्स और व्यावसायिक निर्माण के क्षेत्रों में सूक्ष्मता, अति सूक्ष्म अंतर, विश्वसनीयता और सामग्री के गुणों में वास्तविक विशेषज्ञता संरचना, और निर्माण के निष्पादन परामर्श अभ्यास की रीढ़ हैं। दशकों के प्रमाणित परियोजना परिणामों के साथ, हाई प्रोफ़ाइल कार्यों की रूपरेखा तथा डिज़ाइन ब्यौरे तैयार करके रचनात्मक कृतित्व और तात्विक उपलब्धि पर संकेंद्रित है।
प्रारंभिक विचार को निर्माण, निर्मित वस्तु या परिवेश में बदलने के लिए, प्रक्रिया के अंतर्गत प्रतिभागियों के बीच स्पष्टता और सीधे संवाद की आवश्यकता है। मास्टर निर्माण ज्ञान एकजुटता का सूत्रधार है। विभिन्न विषयों के आर-पार संवाद के माध्यम से, आवश्यक स्थानिक और दृश्य प्रभाव, स्वरूप और सामग्री, और अंततः समग्र उद्देश्य उड़ान भर सकती है। प्रक्रिया और निर्माण की व्यवस्था ऐतिहासिक मिसाल की पृष्ठभूमि में खुल कर सामने आएगी:
| क्षणभंगुर को ठोस वास्तविकता में बदलने की कीमिया |